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बहुत इच्छा थी - मन की बात नेहा के साथ (पार्ट 2)

  A True Story  


सुबह एक पुरानी किताब निकालते हुए, एक फोटो किताब से निचे गिर पड़ी | फोटो देख उस पल मुझे नजाने कैसा ख़ुशी और गम का एहसास हुआ !! वो फोटो सिर्फ एक फोटो नहीं, यादों का पिटारा थी !! मेरी बचपन की दोस्त बानी (बलविंदर) की फोटो.....| मेरी बहुत अच्छी दोस्त |  ये फोटो मुझे 12 साल पीछे ले गयी !! 

वो स्कूल के दिन... सुनहरे दिन....!! वो हमारा ज्यादा से ज्यादा समय साथ में बिताना, दरअसल हमारा घर आमने सामने ही था | इसलिए ऐसा नहीं था कि स्कूल में ही मुलाक़ात हो, दिन रात की मस्ती, साथ में पढ़ाई, बहुत सारी बातें, नजाने कितने राज़, नजाने कितनी गलतिया, एक दूसरे की टांग खिचाई और एक दूसरे का साथ.... बहुत ख़ास था.....|

मेरे पापा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे और बानी के पापा U.S.A (विदेश में)  में कई सालो से settle थे | हमारे पारिवारिक सम्बन्ध भी बहुत अच्छे थे | 

एक दिन बानी ने मुझे बताया कि उसके पापा चाहते है कि बानी और पूरी family U.S.A आ जाए | family को एक साथ होने की जरुरत थी ! मुझे लगा ये सब वास्तव में होने में अभी बहुत समय है !! ना उसने ध्यान दिया और न मैंने !!

वो छत्त पर खड़े हो कर हमारा घंटो बातें करना, शायद आस पड़ोस के लोगो को भी बहुत परेशान कर देता था !! ये सब याद करते आज भी होंठो पर हसी आ जाती है | साथ में मनाये कई त्यौहार, दोस्ती में रस घोलते गए | साथ में की हमारी बहुत सी shopping और रोज़ शाम की स्कूटी की सैर... !! कॉलेज का पहला दिन... आज भी वो पल जैसे उतने ही नए है !! 

कुछ दिन बीते और बानी ने मुझे बताया कि उनके U.S.A जाने का सारा work process पूरा हो चूका है, कुछ दिनों में उनका परिवार हमेशा के लिए विदेश चले जाएंगे !! 

कुछ दिन.......!!

बस कुछ दिन.......!!

कुछ दिन इतने कम थे कि मानो हाथ से यूँ ही फिसलते जा रहे थे !!

बस 10 दिन..... !! oh god......!!

उसका मुझे ये बताना आज भी याद है मुझे, जैसे अभी की बात हो !! मैं कुछ जवाब ही नहीं दे पायी थी | आवाज तो उसकी भी धीमी थी,मानो हम दोनों अभी रो दे !! उसका भी मन उदास था पर पापा को मिलने की ख़ुशी और एक नयी शुरुवात की चमक भी थी उसकी आँखों में | और मेरे पास बस उससे बिछड़ने की उदासी !!

दिन पास आते गए | मुझे याद है जाने से एक दिन पहले सब दोस्तों के साथ हमारी get-together, बानी ने जाने से पहले सबको उपहार दिए, जो हम दोनों ने सबके लिए साथ मिल कर ख़रीदे थे | उसका दिया वो उपहार आज भी मेरे पास है... !!

अगला दिन उनके जाने का दिन था | मेरी खिड़की से उनका घर देखती मैं, कितनी रौनक थी आज उनके घर, कई मेहमान जो उनसे मिलने आये थे |

पर केवल एक दिन, फिर ये ही घर कल खाली हो जाएगा.....!! 

आह...... क्यों ऐसा !!

काश मैं ना जाने दू !! काश मैं रोक पाऊ !! बहुत इच्छा थी कि काश ऐसा न हो !! 

रात भर मुझे नींद नहीं आयी, वो रात मेरे ख्यालो में आज भी ताज़ा है और शायद हमेशा यूँ ही यादों में संजोयी रहेगी !!

सुबह मैं उसके घर मिलने गयी | कुछ बोलने को नहीं था !! बस आँखों से दिल के एहसास बह रहे थे, उसके भी और मेरे भी !! रिश्तेदारों से भरा हुआ घर, हमारी वो मुलाकात दरवाजे पर खड़े हुए केवल 5 मिनट की मुलाकात थी !! 

मैं और नहीं रुक सकी !! रोना केवल आँखों का नहीं, दिल भी रो रहे थे !! मैं वापिस आ गयी !! बानी को जाते हुए मुझे नहीं देखना था !!

कुछ समय बाद उनके घर से गाड़ियों के हॉर्न की आवाज आयी, मैं भाग कर खिड़की पर गयी तो देखा उनकी गाडी निकल रही थी | मेरे घर के सामने से  निकलती हुई गाडी आँखों से ओझल हो रही थी और मैं बस खड़ी देखती रही !! अकेलेपन का सैलाब उमड़ पड़ा हो जैसे !! देखते ही देखते वही हरा भरा घर जैसे वीरान हो गया !! 

बस वही हमारी आखिरी मुलाकात थी !! दिन में कई बार मिलने वाले अब कई सालो से नहीं मिले !! आज भी उसके फ़ोन और वीडियो कॉल का आना, मेरा चेहरा मुस्कुरा उठता है | कितना कुछ बदल गया इन 12 सालो में पर हमारी दोस्ती आज भी वही है | कुछ सालो बाद मेरी शादी हो गयी , फिर U.S.A में ही उसकी भी..| आज हम दोनों busy-mom है पर दोस्ती उतनी ही ख़ास है, दिल के उतनी ही पास है | 

आज भी एक दूसरे से अच्छे बुरे पलों को share करना, अपने मन की बात करना, हमारा favourite time है | कुछ रिश्तों की मजबूती दूरियों से कम नहीं होती !!

ये कई मिलो की दूरियां जरूर है.......... पर दिलो की कभी नहीं....... |

Friendship Forever....


Thank You 

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हालातों की सीख़ - मन की बात नेहा के साथ